नैनीताल:::- पेपर लीक मामले और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में शुक्रवार को नैनीताल में युवाओं एवं अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मल्लीताल से तल्लीताल डांठ तक आक्रोश रैली निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
रैली में शामिल युवाओं और अधिवक्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर पेपर लीक को लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं युवाओं का प्रतियोगी परीक्षाओं से विश्वास खत्म कर रही हैं। प्रदर्शन में शामिल श्रुति ने कहा कि देशभर में युवा लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हैं और सरकार को दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
अनुप्रिया राय ने कहा कि सरकार को पेपर लीक मामले में सख्त निर्णय लेना होगा। उन्होंने धर्मेश प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, कहा कि पेपर लीक ने देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, लेकिन सरकार अब तक गंभीर कदम उठाती नजर नहीं आ रही। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के बजाय केवल तबादले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से प्रभावित कई अभ्यर्थियों ने आत्महत्या तक की है, जिससे उनके परिवारों को अपूरणीय क्षति हुई है।
एडवोकेट प्रभाकर जोशी ने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है और वर्षों से पेपर लीक के मामले सामने आते रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जब तक युवाओं की मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

