नैनीताल :::- आयुक्त  कुमाऊँ मंडल दीपक रावत द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय नैनीताल का वार्षिक निरीक्षण किया गया।
  निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय, अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय सहित विभिन्न पटलों शस्त्र अनुभाग,  अनुभाग, सूचना का अधिकार (आरटीआई) अनुभाग, राजस्व अभिलेखागार, भू-अभिलेख अनुभाग एवं अन्य संबंधित पटलों का गहन निरीक्षण किया।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम, गुंडा नियंत्रण अधिनियम तथा  स्टांप अधिनियम से संबंधित लंबित वादों की अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए अभिलेखों का अवलोकन किया गया। इस दौरान न्यायालय में लंबित वादों के निस्तारण की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह नियमित रूप से लंबित प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी दो माह के भीतर सभी लंबित वादों एवं प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में कम निस्तारण होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।

आयुक्त  ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक एवं सघन प्रवर्तन अभियान संचालित करने के  भी निर्देश  दिए, जिससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके तथा आमजन को सुरक्षित एवं मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध हो।

राजस्व अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान कुमाऊं आयुक्त ने राजस्व, भूमि संबंधी नकल के लिए प्राप्त आवेदनों, व पंजिका में अंकन करना, समय पर नकल उपलब्ध कराने संबंधित कार्यों के बारे में संबंधित पटल प्रभारी से जानकारी ली गई।
उन्होंने कहा कि नक़ल  को समय पर आवेदक को उपलब्ध कराई जाय,उसमें देरी न हो।
उन्होंने नकल प्राप्त करने के लिए प्राप्त आवेदनों को पंजिका में अद्यतन व अंकन न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जो भी आवेदन नकल प्राप्ति के लिए प्राप्त होते हैं उसी दिन उसे पंजिका में अंकल करेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए। साथ ही निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के संबंध में संबंधित पटल सहायक/ कार्मिकों  से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने  निर्देश दिए कि संबंधितों से स्पष्टीकरण अगर संतोष जनक प्राप्त नहीं होता है तो दोनों कार्मिकों को प्रतिकूल प्रवष्टि दी जाय।
साथ ही कुमाऊं आयुक्त ने  कहा कि दोनों अपर जिलाधिकारी मांह में एक एक बार राजस्व अभिलेखागार का निरीक्षण करेंगे। इस हेतु उन्होंने जिलाधिकारी को  रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सरल व पारदर्शी बनाए जाने के लिए प्रत्येक मांह सी सी टीवी रिकॉर्डिंग का भी अवलोकन अपर जिलाधिकारी करेंगे।

शस्त्र पटल व खनन पटल के निरीक्षण के दौरान संपादित कार्यों व अच्छी प्रगति पर आयुक्त द्वारा संतोष व्यक्त किया गया। इस दौरान उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वह प्रत्येक मांह गन हाउस का गहनता  से निरीक्षण करेंगे।

जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के निरीक्षण के दौरान विभिन्न वादों एवं निस्तारित वादों की जानकारी लेने के साथ ही पत्रावलियों का अवलोकन किया गया। जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वादों के निस्तारण की  काफी अच्छी प्रगति पर प्रशन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसी तरह अपर जिलाधिकारी भी अपने न्यायालय में लंबित वादों का समय पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें।

निरीक्षण में  जिलाधिकारी  ललित मोहन रयाल, अपर जिलाधिकारी विवेक राय,  सौरभ असवाल, उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक,मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनिल शर्मा, मुरलीधर के साथ ही सभी पटल सहायक व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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