नैनीताल :::- नैनीताल क्लब में  सुभाष बगोली , सलाहकार (दर्जा मंत्री), पर्यटन विकास परिषद, उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए किए जा रहे कार्यों एवं विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी साझा की।  प्रदेश में पर्यटन अवस्थापना, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन, शीतकालीन पर्यटन तथा ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। जिसमें मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख ऐतिहासिक एवं पौराणिक मंदिरों को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
– श्री जागेश्वर धाम मास्टर प्लान के तहत पर्यटन अवस्थापना विकास के लिए लगभग ₹55.57 करोड़ के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
– महासू देवता हनोल टूरिज्म डेस्टिनेशन प्लान के अंतर्गत लगभग ₹98.80 करोड़ के आगणन को स्वीकृति दी गई है।
– माणा गांव टूरिज्म डेस्टिनेशन प्लान के अंतर्गत विभिन्न अवस्थापना कार्यों के लिए लगभग ₹56.26 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
– चमोली जनपद स्थित टिम्मरसैण महादेव गुफा को पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए टिम्मरसैण टूरिज्म डेस्टिनेशन प्लान के अंतर्गत लगभग ₹26.85 करोड़ के कार्य प्रस्तावित हैं।
– पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत पिथौरागढ़ के ग्रामीण पर्यटन क्षेत्र एवं चम्पावत के टी-गार्डन क्षेत्र में अवस्थापना विकास के लिए स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं।
– वाइब्रेंट विलेज मास्टर प्लान के माध्यम से सीमांत गांवों को होम-स्टे एवं पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
– प्रदेश में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए उत्तराखंड पर्यटन नीति-2023 तथा पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों को लागू किया गया है।
– एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की सहायता से Sustainable Inclusive and Climate Resilient Tourism Development परियोजना के अंतर्गत लगभग ₹1,249.40 करोड़ की सहायता से पर्यटन अवस्थापना को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
– चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
– पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास के अंतर्गत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक कुल 5,869 लोगों को प्रशिक्षित किए जाने की जानकारी भी साझा की गई।  पर्यटन विकास को स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही धार्मिक, आध्यात्मिक, साहसिक, शीतकालीन, ग्रामीण एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देकर उत्तराखंड को वर्षभर के पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।

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