नैनीताल::- नंदा अष्टमी के पावन पर्व पर शनिवार को नगर के प्रतिष्ठित मां नंदा-सुनंदा मंदिर में ब्रह्ममुहूर्त में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मां नंदा-सुनंदा का दरबार श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा। सुबह करीब तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई थी। नैनीताल के साथ ही दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के अलौकिक श्रृंगार के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और अपनी मनोकामनाएं मांगी।
आचार्य पंडित भगवती प्रसाद जोशी ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई। मंदिर परिसर को फूलों, झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मंगलगीत गाती नजर आईं, जबकि श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मां के दर्शन करते रहे। कई श्रद्धालु मां को बकरे का प्रसाद चढ़ाने के लिए भी पहुंचे।
राम सेवक सभा के सदस्य मुकेश जोशी मंटू ने बताया कि ब्रह्ममुहूर्त में पूजा-अर्चना के बाद मां नंदा-सुनंदा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। शाम को पंच आरती के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। 23 सितंबर तक महोत्सव के तहत विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि 23 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा का डोला नगर भ्रमण पर निकलेगा।
पंडित प्रकाश जोशी ने बताया कि इस वर्ष 124वां नंदा देवी महोत्सव मनाया जा रहा है। नंदा अष्टमी के अवसर पर ब्रह्ममुहूर्त में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। मंदिर में दुर्गासप्तशती का पाठ भी किया जा रहा है। मां के दर्शन के लिए नैनीताल ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है।

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