नैनीताल :::- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास की पूर्णिमा पर व्रत और पूजा करने से सामान्य पूर्णिमा की तुलना में हजारों गुना अधिक फल प्राप्त होता है। ज्योतिष आचार्य पंडित प्रकाश जोशी ने बताया इस दिन भगवान विष्णु की पूजा सत्यनारायण कथा का पाठ और श्रवण करने से पापों का नाश होता है तथा घर में सुख शांति और समृद्धि आती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन अन्न, वस्त्र, स्वर्ण और गोदान करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं। और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की पूजा होती है। जब पूर्णिमा अधिक मास में आए तो इसका धार्मिक महत्व हजारों गुना बढ़ जाता है। इस वर्ष 30 मई 2026 को यह व्रत मनाया जाएगा। पद्म पुराण में अधिक मास की पूर्णिमा को “सर्व सिद्धि दायिनी पूर्णिमा” कहा गया है।

इस बार 30 मई शनिवार को अधिक मास की पूर्णिमा व्रत मनाया जाएगा। इस दिन यदि पूर्णिमा तिथि की बात करें तो प्रातः 11:58 से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी। इस दिन विशाखा नामक नक्षत्र दोपहर 1:20 तक है। वहीं शिवयोग अहोरात्र तक रहेगा। इस दिन चंद्र देव प्रातः 6:39 तक तुला राशि में विराजमान रहेंगे तदुप्रांत चंद्रदेव वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण यदि पूजा के शुभ मुहूर्त की बात करें तो प्रातः 7:08 से दोपहर 12:19 तक पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त है परंतु इस दिन चंद्रोदय के बाद पूजा का महत्व भी माना गया है यदि इस दिन के चंद्रोदय की बात करें तो इस दिन सायं 7:36 बजे चंद्रोदय होगा भिन्न-भिन्न स्थानों पर चंद्रोदय का समय भिन्न-भिन्न हो सकता है।

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