भीमताल:::- कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीन साइंस प्रो. संजय पंत ने भीमताल झील में जंतु विज्ञान विभाग द्वारा संचालित स्नो ट्राउट (सिर्जोथोरेक्स) मछली उत्पादन परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति और वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।
परियोजना के मुख्य अन्वेषक (पीआई) एवं जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. हरीश बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री शोध परियोजना के अंतर्गत नैनीताल, भीमताल और सातताल में हिमालयी प्रजाति की स्नो ट्राउट के संरक्षण एवं उत्पादन के लिए मछली के बीजों को केज और नेट प्रणाली में रखा गया है। इनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि उत्पादन को सफलतापूर्वक बढ़ाया जा सके।
उन्होंने बताया कि स्नो ट्राउट ठंडे, स्वच्छ और ऑक्सीजन से भरपूर जल में पाई जाने वाली हिमालयी मछली है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘असेला’ कहा जाता है। यह भारत, नेपाल और भूटान के पर्वतीय क्षेत्रों की प्रमुख प्रजातियों में शामिल है। यह मछली मुख्य रूप से चट्टानों पर जमी काई (शैवाल) और जलीय पौधों को भोजन के रूप में ग्रहण करती है।
प्रो. बिष्ट ने बताया कि स्नो ट्राउट पोषण की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक मानी जाती है तथा यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक बताई जाती है।
निरीक्षण के दौरान वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी तथा प्रो. गीता तिवारी मौजूद रहे।


