नैनीताल:::- ओखलकांडा विकासखंड के ढोली गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक और कर्मचारियों की अनुपस्थिति संबंधी समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर का मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) नैनीताल डॉ. रश्मि पंत ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर डॉ. गणेश धरमशत्रु के नेतृत्व में टीम ने स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में तैनात नर्सिंग अधिकारी एवं फार्मेसी अधिकारी मौजूद मिले। टीम ने उपस्थिति पंजिका और कार्मिकों की तैनाती से जुड़े अभिलेखों की जांच की। जांच में सामने आया कि केंद्र में वर्तमान में तीन नर्सिंग अधिकारी (दो नियमित एवं एक संविदा), एक फार्मेसी अधिकारी तथा एक एएनएम तैनात हैं, जबकि चिकित्सा अधिकारी, स्वच्छक और वार्ड बॉय के पद रिक्त हैं।
छह जुलाई को केवल एक कर्मचारी की उपस्थिति संबंधी मामले की जांच में पाया गया कि दो नर्सिंग अधिकारी और एएनएम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओखलकांडा में आयोजित एमपीआर बैठक में शामिल होने गए थे। इसकी पुष्टि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं उपस्थिति पंजिका से हुई। वहीं एक नर्सिंग अधिकारी स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर मौजूद थीं।
हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि फार्मेसी अधिकारी छह जुलाई को बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे और उन्होंने उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर भी नहीं किए। मामले को गंभीर मानते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है। साथ ही प्रभारी अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि अगले आदेश तक छह जुलाई का उनका वेतन आहरित न किया जाए।
डॉ. गणेश धरमशत्रु ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधिकारी का पद लंबे समय से रिक्त है, जिसकी तैनाती के लिए महानिदेशालय को पहले ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहकर आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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