नैनीताल:::-  कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार दोपहर एक सनसनीखेज घटना ने अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को झकझोर कर रख दिया। परिसर की पार्किंग में खड़ी एक कार के अंदर अधिवक्ता का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। मृतक के हाथ में पिस्टल और कार के बोनट पर सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मान रही है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।
शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि मृतक अधिवक्ता पूरन सिंह भाकुनी नोटरी पद पर तैनात थे। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे कार पार्किंग में उनके अचेत पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे, जहां भाकुनी कार की पिछली सीट पर पड़े थे और उनके हाथ में पिस्टल थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ज्योति प्रकाश ने भी पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता कार की पिछली सीट पर अचेत पड़े थे, लेकिन मौके पर न तो डॉक्टर बुलाया गया और न ही किसी वरिष्ठ अधिकारी ने संज्ञान लिया। पुलिस ने बिना चिकित्सकीय पुष्टि के ही मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि दोपहर करीब 2 बजे एम्बुलेंस पहुंची, जो कि बेहद चिंताजनक है। मुख्यालय में इस तरह की लापरवाही आमजन के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है।
डॉक्टर अनिरुद्ध गंगोला ने बताया कि उन्हें करीब 1:30 बजे पुलिस द्वारा सूचना दी गई, जिसके बाद एम्बुलेंस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान व्यक्ति मृत पाया गया, जिसे बीडी पांडे अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में रखकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सीओ अंजना नेगी ने बताया कि स्थानीय लोगों से सूचना मिली थी कि अधिवक्ता ने अपने वाहन में बैठकर खुद को गोली मार ली है। फिलहाल फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है और मामले की जांच जारी है।

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