नैनीताल ::::- जनपद में गौवंशीय पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज (LSD) वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर पशुपालन विभाग द्वारा सघन अभियान चलाया जा रहा है।

जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पशुपालन के सहारे लोग अपनी आजीविका का निर्वहन करते हैं, उन क्षेत्रों में वायरस की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए पशुपालन विभाग को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए, पशुपालन विभाग द्वारा जिले में 163 टीमों को फील्ड में लगाया गया है जो गांव-गांव जाकर टीकाकरण अभियान, आवश्यक दवाओं का वितरण तथा पशुपालकों को जागरूक करने का कार्य कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बाहरी राज्यों / स्थलों से महिषवंशी और गौवंशीय पशुओं के परिवहन को निषिद्ध (बैन) किया गया है, क्योंकि परिवहन से रोग में संक्रमण की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी पशु में लम्पी वायरस के लक्षण जैसे शरीर पर गांठें, बुखार, आंख-नाक से पानी आना दिखे तो उसे तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग कर आइसोलेशन  में रखें।

अन्य पशुओं को संक्रमित पशु के संपर्क में आने से बचाएं और यथासंभव एहतियात बरतें।

पशु बाड़े में साफ-सफाई रखें, मच्छर-मक्खियों के नियंत्रण के लिए कीटनाशक का छिड़काव करें।

किसी भी लक्षण पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय या विभागीय टीम से संपर्क करें।

इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ राजीव सिंह ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार क्षेत्रों में संपर्क कर रही हैं और पशुपालकों को घर-घर जाकर बीमारी से बचाव के उपाय बता रही हैं। पशुपालकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, समय पर टीकाकरण और सावधानी से इस रोग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है।

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