नैनीताल :::- ज्योतिष शास्त्रों में रवि पुष्य योग बहुत बड़ा योग माना जाता है। ऐसा योग किसी पर्व विशेष पर बन जाए तो उस पर्व की महत्ता कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे ही इस बार माघ पूर्णिमा को रवि पुष्य योग सर्वार्थ सिद्धि योग एवं प्रीति योग का महा संगम बन रहा है। रविवार और नक्षत्रों के राजा पुष्य नक्षत्र जब एक साथ मिलते हैं तब यह योग बनता है। इस बार यह योग दिनांक 1 फरवरी रविवार को बन रहा है। संयोगवश उस दिन महत्वपूर्ण माघ पूर्णिमा भी है। इस दिन यदि पुष्य नक्षत्र की बात करें तो यह नक्षत्र प्रातः 6:44 बजे से उदय होगा और 42 घड़ी 12 पल अर्थात मध्य रात्रि 11:59 बजे तक रहेगा। अतः रवि पुष्य योग भी रात्रि 11:59 बजे तक रहेगा। यदि सर्वार्थ सिद्धि योग की बात करें तो यह योग भी रात्रि 11:59 बजे तक रहेगा।इसके साथ ही इस दिन प्रीति नामक योग आठ घड़ी दो पल अर्थात प्रातः 10:18 बजे तक है अतः रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग एवं प्रीति योग का संगम प्रातः 10:18 बजे तक रहेगा इसलिए यह समय निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त होगा।
रवि पुष्य योग में सोने के आभूषण, वाहन, जमीन घर आदि में निवेश करना और पूजा पाठ अनुष्ठान करना शुभ रहेगा जो कई गुना लाभ प्रदान करता है। इसके साथ ही इस दिन गंगा स्नान का भी बड़ा महत्व है। इस दिन हरिद्वार प्रयागराज आदि तीर्थ में स्नान का बहुत महत्व है। यदि ऐसा संभव न हो तो घर में ही स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें तथा दान पुण्य करें। यदि स्नान के मुहूर्त की बात करें तो इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः 5:24 बजे से 6:17 बजे तक शुभ मुहूर्त है। हालांकि इस दिन किसी भी समय स्नान किया जा सकता है।

आचार्य पंडित प्रकाश जोशी

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