नैनीताल:::- कुमाऊँ विश्वविद्यालय ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नैशनल इंस्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2024 की फार्मेसी कैटेगिरी में 62वां स्थान प्राप्त किया है। यह उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दो रैंक का सुधार हुआ है, जो निस्संदेह विश्वविद्यालय के कुशल नेतृत्व, शिक्षकों की लगन और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है।

कुलपति प्रो. दीवान एस. रावत के नेतृत्व में कुमाऊँ विश्वविद्यालय ने न केवल शैक्षणिक स्तर पर, बल्कि शोध और नवाचार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। उनकी दूरदर्शिता और समर्पण ने विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, जहां अब यह उद्यमिता, नवाचार, शोध एवं अनुसंधान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।

कुलपति प्रो.दीवान एस. रावत ने विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य कुमाऊँ विश्वविद्यालय को उद्यमिता, नवाचार, शोध और अनुसंधान का एक प्रमुख केंद्र बनाना है। कुलपति प्रो.रावत ने कहा कि यह केवल एक शुरुआत है; भविष्य में और भी ऊँचाइयों को छूने की प्रेरणा और प्रतिबद्धता के साथ, कुमाऊँ विश्वविद्यालय निश्चित रूप से शैक्षिक और शोध के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेगा।

इस दौरान परिसर निदेशक प्रो.नीता बोरा शर्मा, कुलसचिव प्रो. अतुल जोशी, परीक्षा नियंत्रक डॉ.महेंद्र राणा, संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रो. चित्रा पांडे, संकायाध्यक्ष कला प्रो. पदम सिंह बिष्ट, संकायाध्यक्ष विजुअल आर्ट प्रो. एमएस मावड़ी, संकायाध्यक्ष एग्रीकल्चर प्रो.जीत राम, निदेशक आईक्यूएसी प्रो.संतोष कुमार, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. संजय पंत, प्रो.अर्चना नेगी साह, प्रो. एमसी जोशी, प्रो. शुचि बिष्ट, प्रो. गिरीश रंजन तिवारी, प्रो. अमित जोशी समेत अन्य लोग मौजूद रहें ।

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