रामनगर:::- रेडक्रॉस सोसाइटी स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रेडक्रॉस समिति के तत्वावधान में छात्र-छात्राओं के लिए जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों को रेडक्रॉस सोसाइटी के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और मानवीय सेवा कार्यों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एस.एस. मौर्या ने की। इस दौरान रेडक्रॉस समिति के महाविद्यालय नोडल अधिकारी प्रो. जेएस नेगी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की स्थापना, उद्देश्यों एवं विभिन्न सेवा गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से रेडक्रॉस सोसाइटी के पोर्टल पर पंजीकरण कर समाजसेवा से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. शिप्रा पंत ने रेडक्रॉस सोसाइटी के सात मूल सिद्धांतों—मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता एवं सार्वभौमिकता—की विस्तार से जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को सेवा और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया।
प्राचार्य प्रो. एस.एस. मौर्या ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी निस्वार्थ सेवा, मानव कल्याण और सामाजिक सहयोग की भावना को सशक्त बनाने वाली संस्था है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
रेडक्रॉस समिति की सदस्य डॉ. कृष्णा भारती ने संस्था का संक्षिप्त परिचय देते हुए इसके समाजोपयोगी कार्यों पर प्रकाश डाला। वहीं कार्यक्रम का संचालन समिति सदस्य डॉ. डी.एन. जोशी ने किया। उन्होंने भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी एवं उत्तराखंड राज्य शाखा की गतिविधियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को समाज कल्याण और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला का समापन रेडक्रॉस सेवा गीत के साथ हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विशेषज्ञों ने समाधान भी किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राएं एवं प्राध्यापक मौजूद रहे।


Indian Red Cross Society भारत की एक प्रमुख मानवीय संस्था है, जो जरूरतमंद लोगों की सहायता, स्वास्थ्य सेवाएँ, आपदा राहत और मानव कल्याण के कार्य करती है। इसकी स्थापना वर्ष 1920 में हुई थी। यह संस्था अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस आंदोलन के सिद्धांतों पर कार्य करती है।
रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रमुख कार्य आपदा राहत कार्य
बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, महामारी जैसी आपदाओं में राहत सामग्री, भोजन, दवाइयाँ और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।स्वास्थ्य सेवाएँ रक्तदान शिविर आयोजित करना
प्राथमिक उपचार (First Aid) प्रशिक्षण देना स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलानागरीब एवं जरूरतमंदों की सहायता अनाथ, वृद्ध, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सहायता प्रदान करना।मानवीय सेवा युद्ध, दुर्घटना या संकट के समय मानव जीवन की रक्षा और सहायता करना।युवा एवं छात्र कार्यक्रम स्कूलों और कॉलेजों में जूनियर रेड क्रॉस तथा यूथ रेड क्रॉस के माध्यम से सेवा भावना विकसित करना।रेड क्रॉस सोसाइटी के मूलभूत सिद्धांत
अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस आंदोलन सात मूल सिद्धांतों पर आधारित है—
मानवता (Humanity)
मानव जीवन और सम्मान की रक्षा करना।
निष्पक्षता (Impartiality)
जाति, धर्म, भाषा या वर्ग के आधार पर भेदभाव न करना।
तटस्थता (Neutrality)
किसी राजनीतिक या धार्मिक विवाद में पक्ष न लेना।
स्वतंत्रता (Independence)
संस्था अपने मानवीय उद्देश्यों के अनुसार स्वतंत्र रूप से कार्य करती है।
स्वैच्छिक सेवा (Voluntary Service)
सेवा कार्य बिना किसी लाभ की भावना के करना।
एकता (Unity)
प्रत्येक देश में केवल एक रेड क्रॉस संस्था कार्य करती है।
सार्वभौमिकता (Universality)
सभी राष्ट्रीय रेड क्रॉस संस्थाएँ समान अधिकार और दायित्व रखती हैं।रेड क्रॉस सोसाइटी केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मानव सेवा का एक बड़ा आंदोलन है। यह समाज में मानवता, सहयोग और करुणा की भावना को मजबूत करती है। विशेष रूप से छात्र-छात्राओं के लिए यह संस्था व्यक्तित्व विकास, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भाव सीखने का एक श्रेष्ठ माध्यम है।