नैनीताल:::- ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर बल्दियाखान एवं बेलवाखान क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में पहुंचे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ ही आवश्यकतानुसार दवाओं का वितरण किया गया तथा जल जनित रोगों से बचाव एवं स्वच्छता संबंधी स्वास्थ्य शिक्षा की जानकारी भी दी गई।
आज ज्योलिकोट 68 , बल्दिया खान 20 , बेलवखान 21 लोगो का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट को शाम 5 बजे तक खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्र में क्षेत्र के लोगों की लगातार चिकित्सकीय जांच, आवश्यक लैब जांच एवं दवा वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके। साथ ही, क्षेत्र में आवश्यकता को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 4 अतिरिक्त बेड बढ़ाए गए हैं, जिससे मरीजों के लिए उपचार एवं भर्ती की सुविधा को और बेहतर बनाया जा सके।
ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम एवं निगरानी के लिए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गणेश धर्मसत्तू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके समन्वय में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा क्षेत्र में रोगों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
क्षेत्र में रोगों की स्थिति पर नजर रखने के लिए सर्विलेंस टीम द्वारा लगातार गांवों एवं प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर निगरानी की जा रही है। संदिग्ध मरीजों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिससे अधिक से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा सके। इसके साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी की टीम को भी क्षेत्र में स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय सेवाओं के लिए तैनात किया गया है।
इसके अतिरिक्त क्षेत्र के विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को जल जनित रोगों से बचाव, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के लिए कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं को तैनात किया गया है। इन स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बच्चों एवं अभिभावकों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग, हाथों की स्वच्छता तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति में जल जनित रोगों के लक्षण पाए जाने पर तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए क्षेत्र के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

