नैनीताल:::- दुर्गा महोत्सव के अंतिम दिन मंगलवार को नैनीताल में मां दुर्गा की शोभायात्रा निकाली गई। बंगाली रीति-रिवाजों के साथ आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को नम आंखों से विदाई दी। इस दौरान महिलाओं ने सिंदूर की होली खेली। शोभायात्रा में स्थानीय लोगों के साथ ही देश के विभिन्न शहरों से पहुंचे पर्यटक भी शामिल हुए। पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बना रहा। वही पर्यटकों ने कहा कि नैनीताल में दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता जैसा माहौल देखने को मिला। वे विशेष रूप से मां के दर्शन करने पहुंचे थे। मंगलवार कि सुबह मुख्य पुजारी शुभ चक्रवर्ती ने प्रातः महादशमी पूजन किया। जिसके बाद दर्पण विर्सजन और देवी वरण अनुष्ठान हुए। जिसके बाद डोला नगर भ्रमण के लिए निकला। नैना देवी मंदिर प्रांगण के बाहर भव्य पुष्प वर्षा का आयोजन किया गया।जिसके बाद मां का डोला मुख्य बाजार से राम सेवक सभा से माल रोड होता हुआ तल्लीताल वैष्णो देवी मंदिर से तल्लीताल बाजार होते हुए ठंडी सड़क पर मूर्ति विसर्जन किया जाएगा। डोला भ्रमण के दौरान हजारों की तादात में भक्त मौजूद रहे। साथ ही भजन मंडली व छोलिया नृतको ने बेहतरीन नृत्य प्रस्तुत किया और स्कूली बच्चों की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रही। भ्रमण के दौरान बाजारों में लोगों ने घरों से अक्षत व फूल बरसाकर दुर्गा मां को नमन किया। महोत्सव में बंगाली और कुमाऊनी संस्कृति का समागम देखने को मिला।

