नैनीताल :::- प्राचीनतम धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संस्था श्री राम सेवक सभा स्थापना 1918 से ही कई धार्मिक व सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करती आ रही है। इसी क्रम में वर्ष 2026 में मकर संक्रांति के अवसर पर खिचड़ी भोज तथा 23 जनवरी को बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सामूहिक उपनयन (यज्ञोपवीत) संस्कार का आयोजन किया जाएगा।
सभा के अध्यक्ष मनोज साह और महासचिव जगदीश बवाड़ी ने बताया कि जो अभिभावक अपने बच्चों का उपनयन संस्कार कराना चाहते हैं उनके लिए पूर्व में सभा कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि उपनयन संस्कार हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जिसके माध्यम से बालक को शिक्षा, अनुशासन एवं आध्यात्मिक जीवन की दीक्षा दी जाती है। इस दौरान बालक को यज्ञोपवीत (जनेऊ) धारण कराया जाता है और गायत्री मंत्र सहित वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ब्रह्मचर्य व्रत का संकल्प कराया जाता है।
बसंत पंचमी को ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित पर्व माना जाता है तथा इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। इस कारण इस दिन उपनयन, मुंडन एवं अक्षरारंभ जैसे शुभ संस्कार किए जाते हैं। श्री राम सेवक सभा पिछले एक दशक से सामूहिक रूप से उपनयन संस्कार का आयोजन कर रही है।

