नैनीताल :::- उत्तराखंड के नैनीताल के समीपवर्ती ताकुला क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण, जंगल के कटान और प्राकृतिक जलस्रोत के दोहन का मामला अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) पहुंच गया है। मामले में याचिकाकर्ता पवन जाटव ने एक बाहरी व्यक्ति पर वन भूमि और ग्रीन बेल्ट में अवैध निर्माण करने, पेड़ों का कटान करने और गधेरे के पानी को मोटर के जरिए स्विमिंग पूल में भरने के आरोप लगाए हैं।

याचिकाकर्ता के मुताबिक, राजस्थान निवासी अश्विनी बिश्नोई की संपत्ति में कथित तौर पर नियमों के विरुद्ध निर्माण किया गया है। आरोप है कि ग्रीन लैंड के बरसाती नाले और गधेरे को बाधित कर रैंप बनाया गया, इसके साथ ही करीब 300 मीटर लंबी सड़क बनाने और 100 से अधिक पेड़ों के कटान का भी आरोप लगाया गया है।  निर्माण में दो मंजिला इमारत और स्विमिंग पूल बनाए जाने की बात भी याचिका में उठाई गई है।

पवन जाटव ने बताया कि इस मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर भी की गई थी, लेकिन करीब एक साल तक कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें NGT का रुख करना पड़ा।  याचिका में संबंधित अधिकारियों समेत 18 पक्षकारों को शामिल किया गया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता के अनुसार, NGT ने याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं, मामले में अगली सुनवाई 18 जनवरी को निर्धारित है। स्विमिंग पूल में गधेरे से मोटर के जरिए पानी भरने से संबंधित वीडियो साक्ष्य भी ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही गई है।

  मामले को लेकर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रदीप उप्रेती ने बताया कि मामला कथित अवैध निर्माण से जुड़ा है, जिसे लेकर हमारे द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में याचिका दायर की गई थी. इस याचिका में पवन जाटव याचिकाकर्ता हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ताकुला क्षेत्र में बिना अनुमति के निर्माण किया जा रहा है।  निर्माण के दौरान एक रैंप बनाया गया है, जिससे बरसाती नाले और गधेरे का रास्ता बाधित हो गया है। इसके साथ ही करीब 300 मीटर लंबी सड़क का निर्माण भी किया गया है, जो कथित तौर पर वन भूमि और ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में आती है। निर्माण के लिए 100 से अधिक पेड़ों का कटान किया गया है। वही दो मंजिला भवन के साथ स्विमिंग पूल भी बनाया गया है, जिसमें गधेरे से मोटर के जरिए पानी खींचकर भरा जा रहा है। इस मामले में NGT से संबंधित वन अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में कुल 18 पक्षकारों को शामिल किया गया है।  साथ ही तीन पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है, आरोप है कि ये लोग राजस्थान निवासी संपत्ति मालिक अश्विनी बिश्नोई के साथ इस मामले में संलिप्त हैं। याचिका को NGT ने स्वीकार करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 जनवरी 2027 को निर्धारित की गई है।

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