नैनीताल:::- उत्तराखंड के दूरस्थ हिमालयी क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत धारी लैंडस्केप अंतर्गत ग्राम पंचायत च्युरीगाड में 120 से अधिक PRAANA सोलर लैंप वितरित किए गए। यह कार्यक्रम हिमालय उन्नति मिशन के तत्वावधान में श्री श्री ग्रामीण विकास कार्यक्रम (SSRDP) ट्रस्ट, आर्ट ऑफ लिविंग एवं प्राणा सोलर लैंप पहल के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ते हुए शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सतत आजीविका को सुदृढ़ करना है। सोलर लैंप का लाभ स्थानीय ग्रामीण परिवारों, युवा आचार्यों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं तथा आजीविका से जुड़े सामुदायिक कार्यकर्ताओं को मिला, जिससे उनकी शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं उत्पादन संबंधी गतिविधियों को बल मिलेगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं हिमालय उन्नति मिशन के सीईओ एयर मार्शल विजय राणा (सेवानिवृत्त) ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा समाधान ग्रामीण जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि हिमालय जैसे संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्रों में ऐसे प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक विकास को भी गति देते हैं।
हिमालय उन्नति मिशन के कार्यक्रम निदेशक (परिदृश्य विकास कार्यक्रम) अमित मेहता ने कहा कि मिशन का दृष्टिकोण समुदाय-नेतृत्व वाले और स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित समाधान विकसित करना है। प्राणा सोलर लैंप बच्चों की शिक्षा, महिलाओं की आजीविका गतिविधियों, युवा आचार्यों के प्रशिक्षण और सामुदायिक बैठकों को प्रभावी बनाते हैं।
मिशन की निदेशक – साझेदारी, अंजु बाहरी ने कहा कि विभिन्न संस्थानों, समुदायों और साझेदारों के साथ मिलकर एक मजबूत विकास पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जा रहा है, जिससे दीर्घकालिक और टिकाऊ प्रभाव सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर साहनी जी (जिला समन्वयक, आर्ट ऑफ लिविंग), ग्राम पंचायत च्युरीगाड के प्रधान, वन पंचायत सरपंच, प्रकाश पचवाडी (समुदाय समन्वयक) सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, महिला समूह, युवा आचार्य और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि जब विकास पहलें समुदाय के साथ मिलकर संचालित होती हैं, तो उनका प्रभाव अधिक व्यापक और टिकाऊ होता है।

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