नैनीताल:::- 10 दिसंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर पूरे भारत में 90 दिन की मोटरसाइकिल यात्रा पर निकले दो तिब्बती कार्यकर्ता मंगलवार को नैनीताल पहुंचे। इनमें पूर्व भारतीय सीमा सैनिक एवं बीर, सोलन (हिमाचल प्रदेश) क्षेत्रीय तिब्बती युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लोद्रो पाल्डेन तथा डेक्यलिंग तिब्बती शरणार्थी कॉलोनी, देहरादून निवासी, देहरादून क्षेत्रीय तिब्बती युवा कांग्रेस के सदस्य व पूर्व भारतीय सीमा सुरक्षा सैनिक जामयांग तेनजिन शामिल हैं।
नैनीताल पहुंचने पर स्थानीय तिब्बती समुदाय ने उनका स्वागत किया। जामयांग तेनजिन ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य भारत और उसकी जनता द्वारा तिब्बतियों को दिए गए प्रेम व समर्थन के प्रति आभार प्रकट करना तथा तिब्बत की पहचान की रक्षा का आह्वान करना है।
उन्होंने बताया कि यह मुहिम 10 दिसंबर से शुरू होकर 10 मार्च को दिल्ली में संपन्न होगी। यह यात्रा परम पावन दलाई लामा के 90वें जन्मवर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है। उन्होंने भारत-तिब्बत मैत्री को अमर बनाए रखने का संदेश दिया।
बताया कि नैनीताल के बाद उनका अगला पड़ाव पिथौरागढ़ होगा। 10 मार्च को दिल्ली में 1959 में चीन द्वारा तिब्बत की राजधानी पर कब्जे के विरोध में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर यात्रा का समापन किया जाएगा।
देहरादून निवासी जमायंग तेंजिंग ने बताया बाइक यात्रा की मुहीम 10 दिसंबर से शुरू की है और 10 मार्च को यह यात्रा दिल्ली में जाकर समाप्त होगी अभी तक 15 हजार किलोमीटर की यात्रा कर चुके है, दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के सम्मान में दुनिया भर में करुणा वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कहा भारत और तिब्बत की मित्ररता अमर रहें। 1959 में तिब्बत पर चीन के आक्रमण और कब्जे के बाद तिब्बतियों के भारत में शरण लेने के 60 से अधिक वर्ष से बीत चुके हैं जिसमें शामिल होने जा रहें है।

