नैनीताल:::- अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच तथा मामले में कथित वीवीआईपी का नाम सार्वजनिक करने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को नैनीताल क्लब चौराहे पर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता नैनीताल क्लब परिसर में धरना-प्रदर्शन पर बैठे रहे।
कांग्रेस प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष जया कर्नाटक ने कहा कि वर्ष 2018 में अंकिता भंडारी की हत्या हुई, जिसमें भाजपा सरकार की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आज तक वीवीआईपी का नाम उजागर नहीं कर रही है और साक्ष्यों को बुलडोजर चलाकर मिटा दिया गया। उन्होंने कहा कि नैनीताल विधायक की चुप्पी भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलेगा और वीवीआईपी का नाम सार्वजनिक कर उसे जेल नहीं भेजा जाएगा, तब तक कांग्रेस का आंदोलन पूरे प्रदेश में जारी रहेगा।

जया कर्नाटक ने साहू के बयान का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा सरकार यह कहकर पल्ला झाड़ रही है कि गिरधारी लाल पार्टी से जुड़ा नहीं है, जबकि उनकी पत्नी भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता हैं और उन्हें बाल महिला विकास एवं महिला सशक्तिकरण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि नैनीताल विधायक को पहले भी ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष खष्टि बिष्ट ने कहा कि अंकिता भंडारी एक गरीब परिवार की बेटी थी, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए रिसॉर्ट में काम कर रही थी। उसकी हत्या कर साक्ष्य मिटा दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता का बिस्तर जलाना और होटल को तोड़ना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि उसके साथ गंभीर अपराध हुआ। उन्होंने कहा कि जेल में बंद पुलकित आर्य केवल एक मोहरा है, जबकि असली चेहरे को अब तक सामने नहीं लाया गया है। उन्होंने उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ अन्य मामलों का जिक्र करते हुए दोषियों को कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी की मांग की।
सीबीआई जांच और वीवीआईपी का नाम सार्वजनिक करने की मांग को लेकर कांग्रेस महिला कार्यकर्ताओं ने मानस कुंज स्थित विधायक निवास के सामने भी धरना दिया। इस दौरान विधायक सरिता आर्य से फोन पर हुई बातचीत में उनके द्वारा मामले की निंदा किए जाने के बाद प्रदर्शन और उग्र हो गया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को मानस कुंज से बाहर निकाला।
आक्रोशित महिला कार्यकर्ताओं ने नैनीताल क्लब के मुख्य गेट पर पुतला दहन का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। मौके पर सीओ सिटी रविकांत सेमवाल ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलता, तब तक भाजपा सरकार के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान पूजा सिंह,राधा आर्य, मोनिका, सुनीता कश्यप, रजनी, संगीता यादव, सरिता गुरुरानी, गीता बहुगुणा, जया कपिल, मीना सिंह, पुष्पा तिवारी, तुलसी बिष्ट, प्रीति सुहाना, मीना ढाली, गीता मंडल, लता तरुण, देवकी, चंपा सनवाल, सीमा सरकार, ममता, शैला नेगी, भगवती बिष्ट, कमला फर्तियाल, सविता समेत अन्य कार्यकर्त्ता मौजूद रही।


