नैनीताल:::-  जिले में मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में बुधवार को जिला सभागार में जिला मानसिक स्वास्थ्य टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालय परिसरों, माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में मनोवैज्ञानिक काउंसलर नियुक्त करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के साथ कार्य करे और सकारात्मक योगदान दे, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों की काउंसलिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए तथा वर्ष में कम से कम दो बार काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएं। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटरों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता से संबंधित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ विद्यार्थी ही समाज में रचनात्मकता और सकारात्मक बदलाव के वाहक बनते हैं।
बैठक में सदस्य सचिव एवं प्रभारी कुलसचिव राकेश कुमार ने मानसिक स्वास्थ्य टास्क फोर्स की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही “उम्मीद” और “मनोदर्पण” कार्यक्रमों को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि मानसिक तनाव या संबंधित समस्याओं के लिए कोई भी व्यक्ति टोल-फ्री हेल्पलाइन 14416 पर संपर्क कर विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त कर सकता है।
इस दौरान बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र, प्रो. ललित तिवारी, डॉ. चमन कुमार, आर.एस. नेगी, पुलिस उपाधीक्षक अंजना नेगी, विश्वनाथ गौतम, अनुलेखा बिष्ट, महिमा भट्ट, डॉ. संदीप, डॉ. जी.एस. धर्मशक्तू, कैलाश जोशी, देवेंद्र साह  आदि रहें।

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