नैनीताल :::- उत्तराखंड पर्यटन विभाग एवं टूरिज्म एंड हॉस्पिटलिटी स्किल कौंसिल के सहयोग से आयोजित नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन एवं प्रमाणपत्र वितरण समारोह का आयोजन नैनीताल जू में संपन्न हुआ। कार्यक्रम स्थानीय युवाओं एवं गाइड्स को प्रकृति आधारित पर्यटन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
समारोह की मुख्य अतिथि विधायक रही। कार्यक्रम में नैनीताल वन प्रभाग से उप वन संरक्षक, वन विभाग, स्वाति की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं पर्यटन विभाग, उत्तराखंड की अतिरिक्त निदेशक पूनम चंद ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया।
प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्रकृति, वन्यजीव, जैव-विविधता, इको-टूरिज़्म एवं नेचर गाइडिंग से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ, जो भविष्य में उनके लिए रोजगार एवं स्वरोज़गार के नए अवसर खोलता है।
पूनम चंद ने कहा कि सभी प्रशिक्षित विद्यार्थियों के बीच निरंतर आपसी संपर्क और नेटवर्किंग बनी रहनी चाहिए, जिससे वे एक-दूसरे के अनुभवों और अवसरों से लाभ उठा सकें। उत्तराखंड के गाइड्स को राज्य की स्थानीय खान-पान संस्कृति, लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को पर्यटकों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि उत्तराखंड पर्यटन को एक विशिष्ट और यादगार पहचान मिल सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कक्षा आधारित अध्ययन के साथ-साथ व्यापक फील्ड विज़िट भी कराई गईं। प्रतिभागियों को सातताल, पंगोट, कोटाबाग सहित विभिन्न प्राकृतिक स्थलों पर नेचर वॉक के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का समापन नैनीताल प्राणी उद्यान (नैनीताल ज़ू) में हुआ।

