नैनीताल :::- कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में मंगलवार को समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कुलपति प्रो. दिवान सिंह रावत के फेलो ऑफ नेशनल अकादमी (FNA) तथा प्रो. नंद गोपाल साहू के फेलो ऑफ नेशनल अकादमी ऑफ साइंसेज (FNASc), नासी फेलो बनने पर विश्वविद्यालय परिवार की ओर से उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर दोनों विद्वानों को शॉल ओढ़ाकर, पुष्प गुच्छ एवं गणेश जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया।
प्रो. दिवान सिंह रावत फेलो ऑफ नेशनल अकादमी ऑफ साइंसेज, फेलो ऑफ रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री (सी-केम), लंदन हैं, वहीं प्रो. नंद गोपाल साहू भी फेलो ऑफ रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री, लंदन के साथ विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की श्रेणी में शामिल हो चुके हैं।
कार्यक्रम में डीएसबी परिसर की निदेशक प्रो. नीता बोरा शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि कुलपति एवं प्रो. साहू जैसे प्रतिष्ठित विद्वानों ने संस्थान को यह सम्मान दिलाया है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए विजिटिंग प्रोफेसर एवं निदेशक डॉ. ललित तिवारी ने कुलपति प्रो. रावत एवं प्रो. साहू का संक्षिप्त जीवनवृत्त प्रस्तुत किया तथा उनकी विषयगत जिज्ञासा एवं शोध योगदान पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में प्रो. नंद गोपाल साहू ने कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरी टीम का परिणाम है, जिसमें विभाग, शोधार्थी एवं विद्यार्थी सभी सम्मिलित हैं। वहीं कुलपति प्रो. दिवान सिंह रावत ने कहा कि शोधार्थी विषय की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ समाज को भी अपना योगदान देते हैं तथा नए आविष्कारों को जन्म देते हैं। शोध कार्य व्यक्ति को ऊर्जावान एवं विशिष्ट बनाता है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रो. के.एस. वल्दिया, प्रो. जे.एस. सिंह, प्रो. एस.पी. सिंह एफएनए एवं एफएनएएससी बन चुके हैं, जबकि प्रो. यशपाल सिंह पांगती नासी फेलो (एफएनएएससी) रह चुके हैं तथा प्रो. शेखर पाठक पद्मश्री से सम्मानित हो चुके हैं। यह उपलब्धियां विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम का आयोजन भौतिकी सभागार में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अतुल जोशी, डॉ. संजय पंत, डॉ. अमित जोशी, डॉ. आर.के. जोशी, डॉ. ज्योति जोशी, डॉ. सावित्री जंतवाल, डॉ. एस.एस. बरगली, डॉ. एम.सी. जोशी, डॉ. पूनम बिष्ट, डॉ. अनीता पांडे, डॉ. विनोद रावत, डॉ. हृदेश मिश्रा, डॉ. महेंद्र राणा सहित विशाल बिष्ट, डी.एस. बिष्ट, कुंदन, अजय एवं अनेक प्राध्यापक, शोधार्थी व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

