नैनीताल:::- माँ नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल ने नगर में बीते लगभग दस दिनों से पुलिस द्वारा सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट तथा मेडिकल स्टोर को रात्रि 11 बजे जबरन बंद कराए जाने का कड़ा विरोध जताया है। व्यापार मंडल का कहना है कि इस संबंध में किसी भी व्यापारी संगठन या प्रतिनिधि से पूर्व में कोई वार्ता नहीं की गई और न ही कोई लिखित आदेश या स्पष्ट कारण साझा किया गया।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने कहा कि नैनीताल एक शांतिप्रिय एवं प्रमुख पर्यटन नगरी है। एक ओर प्रदेश सरकार द्वारा शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की कार्रवाई से पर्यटकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि देर रात नैनीताल पहुंचने वाले पर्यटकों को भोजन, बच्चों के लिए दूध तथा दवाइयों जैसी आवश्यक वस्तुओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
व्यापार मंडल के अनुसार, मॉल रोड, बड़ा बाजार और तल्लीताल क्षेत्र के रेस्टोरेंटों में पर्यटक अक्सर परिवार सहित देर रात तक भोजन करते हैं और सैर-सपाटा करते हैं। ऐसे में रात 11 बजे के बाद लोगों को होटल लौटने के निर्देश देना पर्यटन नगरी की छवि को प्रभावित करने वाला कदम है। उन्होंने इसे पर्यटन हितों के विपरीत और अनुचित करार दिया।
व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही पार्किंग व्यवस्था की कमी, यातायात प्रतिबंध और सीजन के दौरान वाहनों की डायवर्जन जैसी समस्याओं से वे जूझ रहे हैं। ऐसे में जबरन प्रतिष्ठान बंद कराना व्यापार और पर्यटन दोनों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है।
माँ नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल ने संबंधित उच्च अधिकारियों से मांग की है कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों को रात्रि 11 बजे जबरन बंद कराने की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोकी जाए, जिससे व्यापारियों में व्याप्त रोष और असंतोष की स्थिति सामान्य हो सके।

