नैनीताल:::- नैनीताल में पर्यटकों का हुआ मोह भंग, पुलिस प्रशासन की ट्रैफ़िक व्यवस्था से पर्यटकों को हो रही समस्या, टोल व पार्किंग शुल्क की बढ़ोतरी पर्यटकों पर भारी जिसको लेकर नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन द्वारा शुक्रवार को बोट हॉउस क्लब में प्रेस वार्ता की गई।
इस दौरान होटल एसोसिएशन अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने बताया नैनीताल में पर्यटन कारोबार में लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, कारोबार शून्य की ओर जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फेक रीलों की वजह से उत्तराखंड, खासकर नैनीताल आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। कहा की पुलिस प्रशासन द्वारा बनाए गए सख्त ट्रैफिक रूल और चेक पोस्टों के माध्यम से पर्यटकों को रोका जा रहा है, जिससे वे नैनीताल नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस का व्यवहार भी कई बार पर्यटकों के ठीक नहीं रहता है। बताया गया कि पुलिस अपना ट्रैफिक प्लान पहले ही तैयार कर लेती है और होटल एसोसिएशन को केवल इसकी सूचना दी जाती है, जबकि पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों से कोई सुझाव नहीं लिया जाता। पर्यटक नैनीताल तक पहुंच भी जाते हैं, लेकिन चुंगी और पार्किंग शुल्क अधिक होने के कारण कई पर्यटक वापस लौट जाते हैं। कहा कि शहर में अवैध प्रॉपर्टी और अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिन पर प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। नैनीताल की सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की कमी बनी हुई है, जिससे पर्यटकों का मोह धीरे-धीरे भंग हो रहा है इसके साथ ही शहर की सड़कों की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गड्ढे होने से पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन द्वारा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कुछ कार्यक्रम जरूर किए गए, लेकिन इसका कोई असर नही हुआ। कहा कि विंटर कार्निवाल का न तो सही ढंग से प्रचार-प्रसार किया गया और न ही इसे लंबे समय के लिए आयोजित किया गया। इस वर्ष क्रिसमस, 31 दिसंबर और नववर्ष के मौके पर भी पर्यटकों की आमद काफी कम रही। दिग्विजय बिष्ट ने बताया की हालात जल्द नहीं सुधरे और पर्यटकों की संख्या नहीं बढ़ी, तो पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा इसके साथ ही सरकार की भी राजस्व में भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
इस दौरान होटल एसोसियेशन के महासचिव वेद साह, कोषाध्यक्ष सीपी भट्ट, आलोक साह, रमन जीत सिंह, रुचिर साह, स्नेह छाबड़ा, जितेंद्र जेठी आदि मौजूद रहे।

