नैनीताल:::- मुक्तेश्वर धाम में पहली बार आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत तीन दिवसीय रत्नत्रय आनंद महोत्सव और अंतर्मना दर्शन सम्मेलन का आयोजन 09 अप्रैल से 11 अप्रैल तक होगा। यह आयोजन का मार्गदर्शन अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज करेंगे। शनिवार को वह अपने चतुर्विद संघ को लेकर पहली बार नैनीताल पहुंचे। तेलंगाना के कुलचाराम पारसनाथ से 7 नवंबर 2024 से बद्रीनाथ अष्टापद आदिनाथ की मोक्ष स्थली की वंदना करने के लिए उनका मंगल विहार चल रहा है।
इस दौरान उपाध्याय पीयूष सागर महाराज ने बताया कि अंतर्मना गुरुदेव प्रसन्न सागर ने तीर्थराज सम्मेद शिखर पर्वत में 557 दिन की अखंड में तप साधना की जिसमें 496 दिन निर्जला उपवास और 61 दिन पारणा की। बताया कि उन्होंने 37 वर्षों की तप साधना में 5 हजार से ज्यादा उपवास किए और 30 प्रांतों में सवा लाख किलोमीटर से ज्यादा विचरण किया। वह वियतनाम लंदन और गुजरात यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित हुए तथा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ ही 100 से अधिक रिकॉर्ड उनके नाम पर दर्ज हैं।
आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने कहा कि यदि आप अपने अंतर्मन को अच्छा रखेंगे तो सब कुछ अच्छा होगा। कहा की जीवन की सारी भागदौड़ औरों के लिए हो रही है चाहे वह कद हो, प्रतिष्ठा हो, पहचान हो या पैसा। कहा कि यदि थोड़ा और पाने की चाह न हो तो जीवन बहुत मधुर और स्वादिष्ट है। आजकल सारे कामकाज, व्यापार सब पैसे और स्वार्थ से जुड़ गए हैं जितने ज्यादा पैसे मिलते हैं वह उतना ज्याद दुखी और तनाव में दिखते हैं। पैसे के साथ जिम्मेदारी बढ़ जाती है और अच्छा खासा जीवन तनावपूर्ण हो जाता है। कहा की सांसारिक सुख प्रकृति के साथ जीवन व्यतीत करने में है।
बताया कि मुक्तेश्वर में 9 से 11 अप्रैल तक होने जा रहे तीन दिवसीय रत्नत्रय आनंद महोत्सव में मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शिरकत करेंगे और राजस्थान के राज्यपाल महामहिम हरिभाऊ बागड़े, सांसद अजय भट्ट, और विधायक रामसिंह कैडा विशिष्ट अतिथियों के रूप में शामिल होंगे।
