नैनीताल:::- चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला शीतला अष्टमी व्रत इस वर्ष 11 मार्च( बुधवार ) को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता शीतला को आरोग्य की देवी माना जाता है, जो चेचक, खसरा, फोड़े-फुंसी और त्वचा संबंधी रोगों से रक्षा करती हैं।
आचार्य पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार स्कंद पुराण में वर्णन मिलता है कि माता शीतला गर्दभ पर सवार होकर हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते धारण करती हैं। उनके साथ ज्वरासुर, हैजे की देवी तथा विभिन्न रोगों के देवता भी विराजमान रहते हैं।
इस दिन व्रत रखने और मंदिरों में पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व माना जाता है। शीतला देवी मंदिरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ कराना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार में सुख-समृद्धि और वर्षभर निरोगी रहने का आशीर्वाद मिलता है।
इस वर्ष अष्टमी तिथि 11 मार्च को प्रातः 1:54 बजे से प्रारंभ होकर 12 मार्च को प्रातः 4:19 बजे तक रहेगी। पूजा के लिए 11 मार्च को प्रातः 6:35 बजे से शाम 6:27 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा।


