नैनीताल:::- माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र, कुमाऊं विश्वविद्यालय में बुधवार को “प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट ऑफ वर्किंग वीमेन एंड स्टूडेंट” विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यस्थल और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और वक्ता प्रो. ललित तिवारी तथा पॉश एक्टिविस्ट हीरा जंगपांगी रहे। हीरा जंगपांगी ने बताया कि वह पिछले लगभग 20 वर्षों से उधम सिंह नगर के विभिन्न क्षेत्रों में महिला स्वास्थ्य, घरेलू हिंसा और पॉश (POSH) जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह एक्शन एड नामक एनजीओ से भी जुड़ी हुई हैं।
कार्यक्रम में उन्होंने कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी शब्द, टिप्पणी या अनुचित स्पर्श से व्यक्ति को मानसिक तनाव, अवसाद और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को यौन उत्पीड़न से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और कानूनी अधिकारों की जानकारी भी दी।
इस दौरान  जंगपांगी ने विशाखा गाइडलाइन्स और भंवरी देवी केस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विशाखा गाइडलाइन्स के आधार पर ही वर्ष 2013 में पॉश एक्ट लागू किया गया। इस एक्ट के अंतर्गत सेक्शन 9 के तहत पीड़ित व्यक्ति शिकायत दर्ज करा सकता है। साथ ही सेक्शन 12 के अंतर्गत लिखित शिकायत की प्रक्रिया और झूठी शिकायत के मामले में जुर्माने के प्रावधान की जानकारी भी दी गई। उन्होंने पॉश कमेटी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला, जो यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जांच करती है।
माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र में 8 मार्च से 14 मार्च 2026 तक महिला पखवाड़ा मनाया जा रहा है। यह पखवाड़ा “गिव एंड गेन” थीम पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समुदाय को जागरूकता और सहयोग के माध्यम से सकारात्मक योगदान देना है।
कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर ललित तिवारी ने इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. किरण तिवारी ने किया। इस अवसर पर केंद्र की निदेशक प्रोफेसर नीता बोरा शर्मा ने सभी को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बधाई दी।

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