नैनीताल:::- फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को नरसिंह द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह पर्व 28 फरवरी शनिवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है।
पंडित प्रकाश जोशी ने बताया हिंदू धर्म में नरसिंह द्वादशी का विशेष महत्व माना गया है यह व्रत भगवान नरसिंह को समर्पित है और होली से लगभग तीन दिन पूर्व रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन विधि-विधान से व्रत एवं पूजा करने से अज्ञात भय दूर होता है, पारिवारिक कलह शांत होती है तथा शत्रुओं से राहत मिलती है। जो लोग भय, तनाव या विरोधियों से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह व्रत अत्यंत फलदायक माना गया है।
शास्त्रों में वर्णित है कि नरसिंह द्वादशी का व्रत रखने से साधक पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है। मान्यता है कि सच्चे मन से व्रत करने वाले भक्त की रक्षा स्वयं भगवान नरसिंह करते हैं, जैसे उन्होंने अपने परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी। इस व्रत से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक तनाव में भी कमी आती है।


