नैनीताल:::-  आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) का चार दिवसीय स्थापना दिवस समारोह का शनिवार को समापन हो गया। इस दौरान तारों के रहस्य व नेत्र रोगों की गंभीरता को लेकर विशेषज्ञों ने व्याख्यान प्रस्तुत किए।
समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात नेत्र चिकित्सक पद्मश्री प्रो. जे.एस. तितियाल व विशिष्ट अतिथि कुमाऊं विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. दिवान सिंह रावत रहें। प्रो जेएस तितियाल ने कहा कि मोबाइल सुविधा के साथ साथ शिशुओं की आंखों के लिए उतना ही खतरनाक है। लिहाजा मोबाइल को बच्चों से दूर रखें और विद्यार्थी इसका उपयोग सिर्फ ज्ञान अर्जन के लिए करें। वर्तमान में अनेक तरह के नेत्र रोग समाने आए हैं। विश्व स्तर पर  देश में अंधता कहीं अधिक है। साथ ही काला मोतिया बिंद जैसे रोगों की संख्या में वृद्धि को रोकने के लिए जागरूकता बेहद  आवश्क है।


कुमाऊं विवि कुलपति प्रो दिवान सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान युग में भले ही सुविधाओं का विस्तार हुआ हैए लेकिन युवाओं के लिए चुनौतियां भी उतनी ही बढ़ी हैं। युवाओं को खुद को आगे लाने के लिए व्यायक स्तर पर तैयारियां करनी होंगी। मोबाइल इंटरनेट के जरिए जान का अर्जन आसान हो चला है। उन्होंने एरीज के प्रति शुभकामना व्यक्त की।
एरीज के निदेशक डा मनीष नाजा ने एरीज के शोध कार्यों व वैश्विक स्तर पर जुटाई गई सुविधाओं पर प्रकाश डाला। तारों के विज्ञानी डा जे सी पांडे ने तारों के प्रकार तथा आकार, प्रकाश तथा आयु व तापमान समेत अनेक रहस्यों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इससे पूर्व दीप प्रज्वलित कर विधिवत समारोह का शुभारंभ किया गया। समारोह का सफल संचालन आयोजक मोहित जोशी ने किया। इस अवसर पर लोगों को दूरबीन से सूर्य की गतिविधियां दिखाई गई। इस अवसर पर एरीज रजिस्टार राजनीश तथा डा बृजेश कुमार व डा उमेश दुमका, डा वीरेंद्र यादव, डा.महिमन सिंह दुगताल, हंसा कार्की तथा अर्जुन सिंह, बबलु मंडल समेत शोध छात्र व विभिन्न विद्यालयों की विद्यार्थी मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *