नैनीताल :::-  धार्मिक पहचान छिपाकर विवाह करने और बाद में युवती की हत्या करने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल प्रशांत जोशी की अदालत में चल रहे इस बहुचर्चित मामले में आरोपी ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया गया। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास के साथ ₹1,00,000 अर्थदंड की सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया थाना मल्लीताल में दर्ज इस मामले में आरोपी ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर दीक्षा मिश्रा से विवाह किया था। बाद में वह जन्मदिन मनाने के बहाने दीक्षा को अपने दो मित्रों के साथ नैनीताल लेकर आया। यहां एक होटल में उसका गला दबाकर हत्या कर दी और फरार हो गया।
पुलिस जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की गतिविधियां हत्या से पहले और बाद में स्पष्ट रूप से सामने आईं। मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जो अहम साक्ष्य साबित हुआ।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी सजा सुनाई। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मृतका की बेटी और माता को आर्थिक सहायता राशि प्रदान किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

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