नैनीताल :::- शहर की प्राचीनतम धार्मिक संस्था वर्ष 1918 में स्थापित श्री राम सेवक सभा में पैष मास के प्रथम रविवार को पारंपरिक निर्वाण की होली का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर लोक पारंपरिक होलियारों द्वारा बैठकी होली का गायन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग में सराबोर हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कुमाऊँ की परंपरा के अनुसार पोष की पहली इतवार से निर्वाण की होली आरंभ होती है, जो मंदिरों में बैठकी होली के रूप में गाई जाती है। यह होली रंगों से नहीं, बल्कि शास्त्रीय संगीत, लोकगीत और पारंपरिक होली गीतों के माध्यम से आत्मा की शुद्धि, ईश्वर-भक्ति और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक मानी जाती है। इसे भगवान को समर्पित होने के कारण ‘निर्वाण की होली’ कहा जाता है। इसमें गणेश वंदना से शुरुआत होती है और भैरवी, पहाड़ी, केदार व बसंत जैसे प्रमुख रागों में होली गाई जाती है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल, जहूर आलम, संरक्षक घनश्याम साह एवं पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी, नरेश चम्याल, सतीश पांडे, अजय कुमार, मनोज पांडे, रक्षित साह, नवीन बेगाना, गिरीश भट्ट, संजू, प्रकाश भट्ट, नीरज सती व राहुल जोशी ने गणेश वंदना सहित “सब सखियांनं में राधा”, “मैया के मंदिरवा में”, “शिव शंकर को ध्यान” जैसे पदों का गायन कर समां बांध दिया।
इस अवसर पर अध्यक्ष मनोज साह, महासचिव जगदीश बावरी, उपसचिव राजेंद्र बिष्ट, प्रबंधक बिमल चौधरी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया।

