नैनीताल :::- आशा फाउंडेशन द्वारा लगातार चले आ रहे जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को भारतीय शहीद सैनिक स्कूल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसके अंतर्गत भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय की लगभग 300 बालिकाओं और शिक्षिकाओं को जागरूक करने के साथ-साथ उनका स्वयं की सुरक्षा के विषय में भी बताया गया।
इस दौरान आशा फाउंडेशन की अध्यक्ष आशा शर्मा का कहना है कि उनकी यह मुहिम युवाओं के लिए और युवाओं के साथ है। उनका मानना है की कोई भी मुहिम युवाओं के बिना अधूरी है और आज के समय में कैंसर जैसी महामारी की गिरफ्त में युवा अधिक आ रहे हैं। उन्होंने बालिकाओं को आंतरिक रूप से मजबूत बनने के लिए कहा, उनका कहना है कि अगर कोई भी लड़की या महिला आंतरिक रूप से मजबूत है तो उसे बाहरी रूप के खतरे से निपटने में आसानी होती है।

हमारे समाज में बहुत सी गलत अवधारणाओं के चलते बालिकाएं अपनी बात खुलकर नहीं कर पाती हैं और वह अधूरी जानकारी के चलते बीमारियों के गिरफ्त में आ जाती हैं। आज बालिकाओं को माहवारी के समय होने वाली सभी समस्याओं के बारे में बताया गया। बाजार में मिलने वाली पैड्स जो की हर किसी के लिए सामान्य रूप से उपलब्ध कराना संभव नहीं है। विद्यालय में जाकर बात करने से पता चला कि आज भी बहुत लोगों की पहुंच में पैड्स नहीं है ।आशा फाउंडेशन की मुहिम लगातार पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए और बाजार की पैड्स से होने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए रियुज़ेवल पैड्स के ऊपर काम किया जा रहा है।आज सभी बालिकाओं और शिक्षिकाओं को कपड़े से बनी हुई reusable पैड्स फ्री आशा फाउंडेशन द्वारा मुहैया कराए गए। बालिकाओं को स्तन कैंसर के विषय में भी बताया गया ताकि वह स्वयं की और अपने परिवार की प्रत्येक महिला को स्वयं परीक्षण के विषय में बता सके और कैंसर जैसी महामारी से बच सके। क्योंकि स्तन कैंसर में बहुत से लक्षण दिखाई देते हैं जिनको हम स्वयं प्रशिक्षण में पहचान सकते हैं। आज नारी सशक्तिकरण पर भी उनको बताया गया की कैसे एक बेटी का सफर एक स्त्री बनने तक आसानी से तय किया जा सकता है
अभी तक पौड़ी गड़वाल और कुमाऊं में 42 गांव में उनकी टीम पहुंच चुकी है।
इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से अभिषेक भंडारी, हर्षवर्धन शाह, भावना जीना, प्रभा कुमारी, मुन्नी तिवारी , नीलू एल्हेन्स, ईशा शाह, शगुन सलाल, बच्ची सिंह नेगी, डॉ. नीलम,रेणु बिष्ट समेत अन्य लोग मौजूद रहें।


