नैनीताल:::-  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कुमाऊँ विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर कुलपति प्रो. डी.एस. रावत को ज्ञापन सौंपा। जिला संयोजक धीरज गरकोटी के नेतृत्व में पहुंचे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई अहम मांगें रखीं।
एबीवीपी ने पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए वर्तमान विज्ञप्ति को निरस्त करने और विश्वविद्यालय द्वारा पारदर्शी प्रवेश परीक्षा आयोजित कराने की मांग की। साथ ही, प्रयोगात्मक परीक्षाओं के शुल्क (प्रैक्टिकल ड्राफ्ट) जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की भी मांग की गई। छात्रों का कहना है कि दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को कम समय सीमा के कारण प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई होती है।
नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत पांचवें सेमेस्टर में अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए स्पेशल बैक परीक्षा आयोजित करने की मांग भी उठाई गई। छात्रों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण उनका एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो रहा है, जो उनके भविष्य के लिए नुकसानदायक है। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
वहीं, कुलपति प्रो. डी.एस. रावत ने बताया कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पीएचडी प्रवेश परीक्षा के संबंध में विश्वविद्यालय शासन को पत्र भेजेगा। उन्होंने बताया कि कुछ विषयों में लगभग 36 प्रतिशत छात्र अनुत्तीर्ण हुए हैं, जिनमें एमबीपीजी कॉलेज के छात्र अधिक हैं। छात्रों द्वारा पुनः परीक्षा कराने की मांग की गई थी, लेकिन इसे संभव नहीं बताया गया।
इस दौरान धीरज बिष्ट, यतिन पांडे, हर्षित पाठक, चेतन बिष्ट, देव चौहान, आर्यन बेलवाल, लव गंगोला, तेजस खुल्वे, विमल रावत, दीपक रावत, भानु प्रताप सिंह, अतुल रावत, वेदांत पांडे, जयवर्धन चंद्रा, शिवेश कुमार, विशाल बिष्ट और पंकज कुमार सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।

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