नैनीताल:::- नैनीताल जिले में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। कहा कि हाल के महीनों में बाघ और तेंदुए के हमलों में आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।
ज्ञापन में बताया गया कि फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच भीमताल क्षेत्र में दो महिलाओं की वन्यजीव हमले में मौत हुई, जबकि वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में जिले में आधा दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी हैं। इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए यूकेडी ने प्रभावी रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
दल ने वन्यजीव आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की स्थापना, बस्तियों के आसपास बफर जोन निर्माण, ड्रोन व कैमरा ट्रैप से निगरानी, सोलर फेंसिंग व अलार्म सिस्टम लगाने, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और मुआवजा राशि में 50 प्रतिशत वृद्धि की मांग रखी। साथ ही घायलों को आजीवन मुफ्त इलाज और मृतकों के परिजनों को तीन माह के भीतर सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई।
यूकेडी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि ज्ञापन शासन को भेजा जाएगा और निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान पूर्व विधायक नारायण सिंह जंतवाल, पूर्व चेयरमैन श्याम नारायण ,संरक्षक खड़क सिंह , रवि, प्रताप बिष्ट, प्रताप पांडे, इंद्र सिंह, बबिता मरनाल, विनोद कुमार, मनोज साह, लीला बोरा, चंद्र लाल साह आदि मौजूद

