नैनीताल :::- तिब्बती समुदाय का प्रमुख पर्व लोसर पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। तीन दिनों तक चलने वाले इस पर्व के अवसर पर शहर के सुख निवास स्थित बौद्ध मठ में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। प्रातःकाल से ही श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में मठ पहुंचे और सामूहिक पूजा-अर्चना में भाग लिया। बौद्ध धर्मगुरुओं ने शांति, समृद्धि और सुखमय जीवन की कामना करते हुए मंत्रोच्चार के साथ प्रार्थनाएं कीं।
तिब्बती मार्केट एसोसिएशन के सचिव येशी थुप्टेन ने बताया कि तिब्बती पंचांग के अनुसार यह 2153वां नववर्ष है, जिसे अग्नि अश्व (घोड़ा) वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले दिन परिवार के साथ घर पर पूजा की जाती है, दूसरे दिन एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दी जाती हैं और तीसरे दिन मठ में सामूहिक पूजा का आयोजन होता है।
दिनेश भोटिया बोबो ने बताया कि दो दिनों तक घरों में पूजा और बधाई संदेश देने के बाद तीसरे दिन मठ में मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा की गई। ब्रिंजिग ने कहा कि लोसर के अवसर पर सभी लोग एकत्र होकर नए वर्ष का स्वागत करते हैं और विश्व शांति, जीव-जंतुओं की सुरक्षा तथा सभी की सुख-शांति की कामना करते हैं।

