नैनीताल:::- सीआरएसटी इंटर कालेज के सभागार में चल रहे दो दिनी नाट्य समारोह का मंगलवार को समापन हो गया। दूसरे दिन दिवंगत सिने अभिनेता एवं रंगकर्मी निर्मल पांडे की 65वीं जयंती पर युगमंच और प्रयोगांक सोसाइटी फॉर सोशल एंड एनवायरनमेंटल डेवलपमेंट के संयुक्त तत्वावधान में डिस्टोपियन और एसर्ड शैली पर आधारित नाटक अंतिम युद्ध का भावपूर्ण मंचन किया गया। यह नाटक तीसरे विश्वयुद्ध के बाद की विध्वंसकारी पृष्ठभूमि पर लिखा गया यह नाटक युद्ध से बचने के लिए एक बंकर में छिपे चार लोगों की कहानी कहता है। नाटक में मानवीय भूख, समोहन, प्रेम, विवेक और नैतिकता जैसे मूल्यों के ह्रास को दिखाया गया। निर्देशक के अनुसार अंतिम युद्ध सिर्फ देशों के बीच का युद्ध नहीं है बल्कि इंसान के भीतर की इंसानियत और पशुता के बीच का आखिरी संघर्ष है जिसमें मनुष्य अपनी सभयता और नैतिकता दोनों को हार जाता है। नाटक में मदन मेहरा, दीपक सहदेव, राजेश आर्या, योगिता तिवारी, उमेश कांडपाल और एच एस राणा ने प्रमुख भूमिकाएं निभाईं। कलाकारों के सशक्त अभिनय और बंकर की सजीव सेट डिजाइन ने दर्शकों को युद्ध के बाद की खामोशी और तनाव से रूबरू कराया।
समारोह में वरिष्ठ रंगकर्मी जहूर आलम, साहित्यकार लक्ष्मण सिंह बटरोही, पूर्व विधायक डॉ नारायण सिंह जंतवाल, रंगकर्मी विक्रम स्याल, आकाश नेगी, हसन रजा, हरीश राणा, मोहित सनवाल, रोहित वर्मा, किशन लाल, मीरा स्याल, राजेंद्र लाल शाह, धर्मेन्द्र शर्मा तथा डॉ मनोज बिष्ट सहित रंगकर्मी तथा साहित्यकार और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

