नैनीताल:::- जिला पंचायत कार्यालय के औचक निरीक्षण में गुरुवार को व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली में कई अनियमितताएं सामने आईं। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडे ने कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान कई अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार और लंबित मामलों की जांच कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि वर्ष 2022-23 से 15वें वित्त की करीब 15 करोड़ रुपये की धनराशि जिला पंचायत को प्राप्त हुई, लेकिन उसका अपेक्षित उपयोग नहीं किया गया। वर्ष 2021-22 में प्राप्त धनराशि के उपयोग की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। सीडीओ ने सांसद निधि और विधायक निधि से प्राप्त धनराशि तथा उसके उपयोग का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
नक्शों से संबंधित मामलों की जांच और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया में भी कई अनियमितताएं सामने आईं। कुछ नक्शे बिना तारीख और वैगर बिना अधिकारी के हस्ताक्षर व रसीद के पाए गए। वहीं जेई द्वारा कार्यालय की पत्रावलियां घर ले जाने की जानकारी मिलने पर गंभीर नाराजगी जताई गई।
निरीक्षण के दौरान डिस्पैच रजिस्टर में भी अनियमितता सामने आई। सीडीओ के सामने ही कनिष्ठ सहायक द्वारा रजिस्टर में प्रविष्टियां दर्ज की जा रही थीं। मामले में संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी और दोष पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला पंचायत में टैक्स कलेक्शन में कमी और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने का मामला भी सामने आया। इसके अलावा जिला पंचायत क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण और बिना पंजीकरण संचालित होम स्टे के संबंध में भी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सीडीओ ने कहा कि विकास योजनाओं और जिला योजना के तहत आवंटित धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। जिला स्तर के साथ ही राज्य स्तर पर भी मॉनिटरिंग और निरीक्षण की व्यवस्था है। इसके बावजूद जिला पंचायत से संबंधित शिकायतें सीएम पोर्टल सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त होना गंभीर विषय है।
निरीक्षण में कूड़ा निस्तारण, सड़क, गड्ढे भरने और निर्माण कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली गई। उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार कर्मचारियों को हटाने और नई नियुक्तियां करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को सभी लंबित मामलों और कार्यालयीय व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर दो घंटे के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया। लेकिन कई घंटो तक सीडीओ की मौजूदगी में संतुष्टिजनक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर पाए।
इस मौके पर अर्थ सांख्यिकी अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी, पटवारी भीमताल हेम जोशी मौजूद रहें।

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