हल्द्वानी :::-  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित उत्तराखंड प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन  का दीप जलाकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर प्रदेशभर से आए व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापारी वर्ग किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और राष्ट्र की आर्थिक शक्ति को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े उद्योगों से लेकर छोटे दुकानदारों तक, प्रत्येक व्यापारी प्रदेश की आर्थिक प्रगति में अपना योगदान दे रहा है। कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। उन्होंने व्यापारी वर्ग को देश की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण भागीदार बताते हुए कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

व्यापारियों के लिए भयमुक्त एवं पारदर्शी व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का भागीदार मानती है। सरकार का उद्देश्य व्यापारियों के लिए भयमुक्त, सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। व्यापारियों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करने तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार, उद्यमिता, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। व्यापारिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और डिजिटल व्यवस्था के विस्तार से कारोबार को अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाने के प्रयास किए गए हैं।
निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का हो रहा विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश और व्यापार से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। इसके अंतर्गत 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्यमिता और रोजगार के अवसर विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्क हेतु भूमि चिह्नित की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि स्थानीय प्रतिभा को अपने क्षेत्र में ही अवसर मिलें और युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े।

*व्यापारी हितों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन में व्यापारियों के हितों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि 1-प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
2-व्यापारियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित कराई जाएंगी।
3- जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि पात्र व्यापारियों के आश्रित समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
4-पर्यटन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी तथा सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।
5-पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होम स्टे सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार एवं आय के अतिरिक्त अवसर प्राप्त हो सकें।
6-चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को सुविधा मिल सके।
7-राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों तथा अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों एवं नालियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से कराया जाएगा।
8-व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

*व्यापारियों की सहभागिता से साकार होगा आत्मनिर्भर उत्तराखंड का संकल्प*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के व्यापारी राज्य के बाजारों तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान स्थापित करें।
उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड को आध्यात्मिक शक्ति के साथ आर्थिक शक्ति का भी केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए युवाओं को रोजगार, उद्यमियों को अवसर और व्यापारियों को सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके सहयोग और सहभागिता से उत्तराखंड को विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त राज्य बनाने का संकल्प अवश्य साकार होगा। इस अवसर पर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की स्मारिका का विमोचन किया गया तथा  व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
   

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