नैनीताल:::-  जीवनदायिनी नैनी झील में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) द्वारा एक गुरुवार को महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत स्थानीय नाव चालकों के लिए विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में कुशल फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार करना है।
बृहस्पतिवार को मल्लीताल स्थित बैंड स्टैंड पर आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में नाव चालकों को व्यावहारिक रूप से विभिन्न जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से वाटर रेस्क्यू पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें डूबते व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रभावी तरीकों की जानकारी दी गई।
इसके अलावा, हृदय गति रुकने या सांस लेने में कठिनाई होने की स्थिति में दी जाने वाली सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। दुर्घटना के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित करने के लिए ‘कंट्रोल ब्लीडिंग’ तकनीकों का भी गहन प्रशिक्षण दिया गया।
एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर कनिष्क पांगती ने बताया कि नाव चालक जल पर्यटन का अहम हिस्सा होते हैं और उनकी सतर्कता एवं त्वरित प्रतिक्रिया किसी भी संभावित हादसे को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस दौरान प्रशिक्षण शिविर में महेश खनेरा, नरेश, चंद्र बहादुर और शिवराज नेगी सहित कई नाव चालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उनकी सुरक्षा संबंधी समझ और क्षमता में वृद्धि हुई है।

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