नैनीताल:::-  आयुक्त, कुमाऊँ मण्डल, नैनीताल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण सभागार, नैनीताल में उद्यान एवं कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा AgriStack (प्रगति पोर्टल) की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की ।

बैठक में उद्यान विभाग की मिशन सेव कीवी, पॉलीहाउस एवं अन्य विभागीय योजनाओं तथा कृषि विभाग की पल्स एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। आयुक्त ने योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धियों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों एवं बागवानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

आयुक्त महोदय ने बैठक के दौरान  किसान आईडी (Farmer ID) के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने किसान आईडी बनाने की प्रक्रिया, इसके कार्य करने के तरीके तथा किसानों को इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही अधिकारियों को किसान आईडी से संबंधित कार्यों में आवश्यक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान आयुक्त ने दालों के उत्पादन एवं संबंधित गतिविधियों के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली तथा किसानों के हित में आवश्यक सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने कृषि क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में सुझाव भी लिए।
आयुक्त ने बैठक के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की भी जानकारी ली। उन्होंने योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को दी जा रही सहायता, लाभार्थियों के सत्यापन तथा योजना के क्रियान्वयन की स्थिति के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।

आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं एवं सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक एवं पात्र किसानों को ही मिलना चाहिए।

आयुक्त ने फसलों को जंगली एवं आवारा पशुओं से बचाने के उपायों पर अधिकारियों से सुझाव लिए.

बैठक के दौरान आयुक्त महोदय ने अधिकारियों से कहा कि किसानों की फसलों को जंगली एवं आवारा पशुओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्रभावी एवं व्यावहारिक उपायों पर अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत करें।

आयुक्त ने अधिकारियों से क्षेत्र की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऐसे उपायों पर विचार करने को कहा, जिनसे किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। इस दौरान चेन फेंसिंग, सब्सिडी सहित अन्य संभावित उपायों पर भी चर्चा की गई।

आयुक्त ने निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए फसल सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए तथा उपयोगी सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आयुक्त ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में उद्यानिकी एवं कृषि आजीविका का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने पॉलीहाउस एवं कीवी, सेव जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बैठक में AgriStack (प्रगति पोर्टल) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पोर्टल पर किसानों एवं योजनाओं से संबंधित आवश्यक विवरणों को समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से योजनाओं की निगरानी एवं पारदर्शिता को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ  दिलाए

इस दौरान संयुक्त निदेशक अर्थ एवं सांख्यिकी  राजेंद्र तिवारी , संयुक्त निदेशक उद्यान डाँ. नरेंद्र कुमार,  संयुक्त निदेशक कृषि अभय सक्सेना व समस्त कुमाऊँ मंडल के जिला कृषि अधिकारी एवं उद्यान के अधिकारी मौजूद रहे।

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