नैनीताल:::- कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में मंगलवार को छात्रसंघ चुनाव 2026-27 शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। चुनाव के बाद सभी निर्वाचित पदाधिकारियों और प्रत्याशियों को शपथ दिलाई गई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर परिसर में केवल दो मुख्य गेटों से प्रवेश दिया गया और बिना आईडी कार्ड के किसी को भी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। शपथ ग्रहण के बाद सभी प्रत्याशियों को पुलिस सुरक्षा में उनके घर तक पहुंचाया गया।
डीएसबी परिसर में छात्रसंघ चुनाव के लिए कुल 5318 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 2535 छात्रों ने मतदान किया। अध्यक्ष पद पर नवनियुक्त भानु प्रताप सिंह चौहान ने 1355 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने जिन मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ा है, उन्हें अपने कार्यकाल में प्राथमिकता के साथ पूरा करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने वॉशरूम, लाइब्रेरी, बिजली, वाई-फाई, पेयजल और किताबों समेत छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर कार्य करने की बात कही। साथ ही छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए परिसर में प्लेसमेंट सेल के गठन का प्रयास करने की बात कही। उन्होंने जीत के लिए सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और परिसर कर्मचारियों का आभार जताया।
संयुक्त सचिव पद पर निर्वाचित अनुष्का पुरी ने कहा कि सरकार की ओर से छात्रसंघ चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना महिला सशक्तीकरण की दिशा में पहल है। इससे छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि कार्यकाल के दौरान छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाकर उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा।
डीएसबी डीन प्रो. संजय पंत ने कहा कि परिसर में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। इस बार चुनाव कराने के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन शासनादेश के तहत आरक्षण व्यवस्था और निर्धारित तिथि पर चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई गई।
ये पदाधिकारी चुने गए: अध्यक्ष पद पर भानु प्रताप सिंह चौहान, उपाध्यक्ष छात्रा पद पर कुमकुम जोशी निर्विरोध, उपाध्यक्ष छात्र पद पर अभिषेक रैकुनी निर्विरोध, सचिव पद पर कमल कार्की निर्विरोध, संयुक्त सचिव पद पर अनुष्का पुरी, कोषाध्यक्ष पद पर सृष्टि रावत, सांस्कृतिक सचिव पद पर हर्षित जोशी निर्विरोध, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर तन्मय भंडारी निर्विरोध चुने गए। संकाय प्रतिनिधि कला में अनिल कुमार, वाणिज्य में संध्या कापड़ी, विधि में दिव्यांशी कौशल और प्रबंधन में सानिध्य उप्रेती निर्विरोध निर्वाचित हुए।


