नैनीताल:::- पर्यावरण संरक्षण और विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से Art of Living Happiness Women’s Collective, नैनीताल की ओर से विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान के तहत नैनीताल के विभिन्न विद्यालयों में पर्यावरण-अनुकूल कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें विद्यार्थियों को इको ब्रिक्स बनाने के साथ ही प्लास्टिक कचरे के उचित निस्तारण और उसके रचनात्मक उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
अभियान की शुरुआत बुधवार को भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय में हुई, इसके बाद छह अक्टूबर को मोहन लाल साह बालिका विद्या मंदिर और ऐशडेल स्कूल, जबकि आठ अक्टूबर को सरस्वती शिशु मंदिर, निशांत स्कूल, जीजीआईसी और जीआईसी में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को यह समझाना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल अभियान तक सीमित नहीं, बल्कि दैनिक जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। इस दौरान स्वच्छता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल आदतों को अपनाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाएगा।

कार्यशाला का संचालन शिप्रा कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं पर्यावरणविद् जगदीश नेगी के मार्गदर्शन और सहयोग से किया जाएगा। आयोजन में रेशमा टंडन, कविता गंगोला,सुनीता वर्मा, प्रेमलता गोसाईं, संगीता साह, सिम्मी अरोरा, मंजू नेगी, सोनी अरोरा, कामना कंबोज, बीना शर्मा, कविता जोशी, शिखा साह, रीना सामंत, उमा कांडपाल, कविता सनवाल, किरण टंडन, ज्योति मेहरा, मंजू बिष्ट, संध्या तिवारी, पूजा शाही, वंदना मेहरा, मधु बिष्ट, जीवंती गोस्वामी, निहारिका गोसाईं, वैशाली बिष्ट, विमला कफलतिया, ममता गंगोला, श्वेता अरोरा, पूजा मल्होत्रा, रमा तिवारी, सोमा साह और नेहा डालाकोटी सहयोग कर रही हैं।
समूह की सदस्यों ने ताल चैनल की अध्यक्ष ईशा शाह के सहयोग के लिए आभार जताया। आयोजकों का कहना है कि बच्चों में कम उम्र से ही प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका का एहसास होने से स्वच्छ और हरित समाज की मजबूत नींव तैयार होगी।

