नैनीताल:::- मुख्यमंत्री सचिव व कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने सूखाताल झील का शुक्रवार को निरिक्षण किया. इस दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने बताया सुखाताल झील के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर करीब 20 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जा चुकी है। केएमवीएन द्वारा कराए गए कार्य के तहत झील के चारों ओर रेलिंग और सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया है। इसके अलावा पार्किंग से लगी जगह पर कई दुकानें भी तैयार की गई हैं। हालांकि अभी झील को संबंधित संस्था को हैंडओवर नहीं किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, सुखाताल के संचालन के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) को उपयुक्त माना जा रहा है। यह पर्यटन से जुड़ा क्षेत्र है और केएमवीएन इस तरह के पर्यटन कार्यों का संचालन करता है, जल्द ही संचालन के लिए संस्था का चयन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया गया कि सुखाताल को प्राकृतिक स्वरूप में ही विकसित रखा जाएगा और यहां अनावश्यक कंक्रीट का प्रयोग नहीं किया जा सकता। योजना के प्रावधानों के अनुसार झील में अलग से पानी नहीं भरा जा सकता, लेकिन बारिश के पानी को एकत्र कर झील को रिचार्ज किया जा सकता है। इस वर्ष पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण झील में पानी एकत्र नहीं हो सका है। भविष्य में जल संरक्षण को लेकर भी विचार किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि सुखाताल में बोटिंग गतिविधि शुरू होने से पर्यटन के लिहाज से इसका आकर्षण बढ़ सकता है। वहीं, यदि इसे पूरी तरह प्राकृतिक स्वरूप में रखा जाता है तो यहां चौपाटी और स्ट्रीट फूड जोन विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा सकता है।

